Code of Conduct

छात्राओं के लिए आचार संहिता

विद्यावती मुकन्दलाल स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय प्रदेश की संस्थाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं इस विद्यालय के सम्मानप्रतिष्ठा की रक्षक है। संस्था के अन्दरबाहर उनका व्यवहार उसी के अनुकूल होना चाहिये। विद्यालय के वातावरण एवं संस्कृति को और अधिक उपयोगीसमृद्ध बनाने के लिये आपको कुछ बातें याद रखनी आवश्यक है।


1.यूनिफार्म: विद्यालय की समस्त छात्राओं के लिए सफेद प्लेन कुर्ता, सलवारप्लेन दुपट्टा या सफेद साड़ी-ब्लाउज पहनना अनिवार्य है। जालीदार दुपट्टे Self Print के सूट तथा चूड़ीदार पायजामा पहनने की अनुमति नही है। सर्दियों में मैरून (उन्नाबी) रंग का स्वेटर या कोट पहनना अनिवार्य है। आवश्यकतानुसार उसी रंग का शाल भी पहना जा सकता है। विवाहित छात्राएं सफेद सलवार, कुर्ते के साथ उन्नावी दुपट्टा पहन सकती हैं। साड़ी पहनने वाली छात्राएं रिबन से बोर्डर तैयार कराकर पहनंेगी। प्रत्येक शनिवार छात्राएं किसी अन्य रंग की सलवार कमीज या साड़ी पहन सकती हैं। उचित यूनिफार्म में न आने पर छात्रा को कक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा तथा दण्डित भी किया जा सकता है। विद्यालय में अनुशासन व्यवस्था बनाये रखने के लिए चुनी गई प्रीफैक्ट के निर्देशन को मानना सभी छात्राओं के लिए अनिवार्य होगा अन्यथा अनुशासनहीनता की स्थिति में छात्रा को दण्डित किया जा सकता है।

2.विश्वविद्यालय परीक्षा में बैठने की अर्हता एवं उपस्थिति सम्बन्धित नियम: कक्षाओं में छात्रा को नियमित रूप से आना अनिवार्य है। विद्यालय में शिक्षण कार्य का समय प्रातः 8.30 बजे से अपराह्न 4.00 बजे तक रहेगा। इस बीच छात्रा को कोई भी सैक्शन नियमानुसार दिया जा सकता है जिसमें परिवर्तन नहीं किया जाएगा। छात्रा को प्रतिदिन नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित रहना है। यदि अपरिहार्य कारणवश या बीमारी की स्थिति में छात्रा कक्षा में उपस्थित रहनें में असमर्थ है तो इसकी सूचना सम्बन्धित विषय कक्षा शिक्षिका को लिखित रूप से आवेदन पत्र में दें। लगातार 10 दिन बिना सूचित किये अनुपस्थित रहने पर नाम भी काटा जा सकता है। पाठ्यक्रम के समुचित लाभार्जन के लिये छात्राओं के हितार्थ प्रतिदिननियमित रूप से कक्षाओं में उनकी उपस्थिति आवश्यक रखी गई है अर्थात छात्रा को प्रतिदिन कक्षा में उपस्थित रहना अनिवार्य है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परीक्षा में सम्मिलित होने के लिये शैक्षिक सत्र में कक्षाएं चलने तक कुल उपस्थिति प्रत्येक विषय में 75 प्रतिशत होनी आवश्यक है। किसी भी विषय में उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होने पर छात्रा चै0 चरण सिंह विश्वविद्यालय की परीक्षा में बैठने की अधिकारिणी नहीं होगी। इसका पूर्ण दायित्व छात्रा का होगा।

3. अनुशासन: विद्यालय वातावरण को शान्तअनुशासित बनाये रखने में सभी छात्राओं का पूर्ण सहयोग अपेक्षित है। इसके लिये छात्रा एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाने के लिये तीन मिनट से अधिक का समय न लें। बरामदोंकक्षा के सामने विचरण करने से अध्यापन कार्य में विध्न पहँुचता है। अतः छात्राओं को बरामदें तथा कक्षा के सामने के मैदान में नहीं घूमना चाहिये। एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते समय आपस में बातचीतकरें। खाली समय में पुस्तकालय में पढे़। कामन रूम में विभिन्न खेलों की व्यवस्था व जिम उपकरणों का लाभ उठायेंइसके बाहर व लान में बैठे। छात्राओं को कैन्टीन की सुविधा भी है।

4.विद्यालय की महत्वपूर्ण सूचनाएं नोटिस बोर्ड पर लगायी जाती है। अतः छात्राओं को प्रतिदिन नोटिस बोर्ड देखते रहना चाहिये। यदि छात्राएं समयानुसार सूचना नहीं देखती हैं और किसी महत्वपूर्ण जानकारी से अनभिज्ञ रह जाती हैं तो इसका उत्तरदायित्व स्वयं छात्रा पर ही होगा।

5. विद्यालय में कोई छात्रा आभूषण पहनकर नहीं आयेगी। विद्यालय के अनुशासन सम्बन्धी नियमों की अवहेलना करने वाली छात्राएं उचित दण्ड की भागी होंगी। महाविद्यालय में छात्राओं द्वारा मोबाइल लाना वर्जित है।


6. फीस जमा करने पर परिचय पत्र आॅफिस द्वारा दिया जायेगा जिसे पूर्ण रूपेण भर कर चीफ प्रोक्टर से हस्ताक्षर कराना छात्रा का कत्र्तव्य है। लाईब्रेरी कार्ड प्राप्त करने के लिये परिचय-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। परिचय पत्र के प्रस्तुत करने पर ही छात्रा को पाठ्य-पुस्तकें और शुल्क मुक्ति दी जा सकेगी। उन सभी स्थानों और अवसरों पर जहाँ इस विद्यालय की छात्राओं को उपस्थित होने का अधिकार है, यह परिचय पत्र प्रत्येक छात्रा के पास होना आवश्यक है। अधिकारियों द्वारा मांग करने पर इसे प्रस्तुत न कर पाने की स्थिति में छात्रा को दण्डित किया जा सकता है। काॅलिज के बाहर अन्य अवसरों पर यह उपयोगी सिद्ध हो सकता है। अतः छात्राओं को अपने हित में विद्यालय का परिचय-पत्र सदैव अपने पास रखना चाहिए।

7. पुस्तकालय: 60925 पुस्तकों, 131 विभिन्न प्रकार की पत्र-पत्रिकाओं, 65 इनसाइक्लोपीडिया, 18 अखबार, 127 हिन्दी भाषा में शब्दकोष, 104 अंग्रेजी भाषा में शब्दकोष व अन्य संदर्भ ग्रन्थांे से सुसज्जित पुस्तकालय में अध्ययन कक्ष, बुक-बैंक सुविधा एवं निर्धन व जरूरतमन्द छात्राओं के लिये अलग से भी पुस्तकों की व्यवस्था है। पुस्तकालय को विज्ञान एवं सूचना तकनीकी के उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। केवल संस्थागत छात्राओं को विद्यालय पुस्तकालय की सदस्यता प्रदान की जायेगी। प्रत्येक छात्रा को पुस्तकालय का लाभ उठाने के लिये इसकी सदस्यता लेनी होगी। परिचय-पत्र प्रस्तुत करने पर पुस्तकालयाध्यक्षा द्वारा छात्रा को एक वर्ष के लिये रीडर्स टिकिट प्रदान किये जायेगें। (एम0 ए0, एम0 एड0 व एम0 काम0 की छात्रा 4 टिकिट, बी0 ए0, बी0 काम0, बी0 एस-सी0 तथा बी0 एड0 की छात्रा 3 टिकिट)। पुस्तकालय की प्रत्येक सदस्या रीडर्स टिकिट की संख्या के अनुसार पुस्तकें ले सकती हैं। रीडर्स टिकिट खो जाने पर छात्रा पुस्तकालय को अविलम्ब सूचना देगी। दो रूपया प्रति टिकिट दिये जाने पर ही पुनः रीडर्स टिकिट प्रदान किया जायेगा। यदि खोए हुए रीडर्स टिकिट पर कोई पुस्तक निर्गत (Issue) होती है तो उस पुस्तक को लौटाने का पूर्ण उत्तरदायित्व उसी छात्रा का होगा जिसका टिकिट है।
पुस्तक लेने से पूर्व छात्रा को पुस्तक का भली प्रकार निरीक्षण कर लेना चाहिए। यदि पुस्तक ठीक स्थिति में नहीं है या बीच में पृष्ठ फटे हैं तो उसी समय पुस्तकालयाध्यक्षा को सूचित करें, अन्यथा पुस्तक लेने वाली छात्रा को ही पुस्तकालय में नई पुस्तक देने का उत्तरदायित्व वहन करना पडे़गा। पुस्तक खो जाने पर छात्रा से नई पुस्तक ली जायेगी। पुस्तक न मिलने पर दण्ड रूप में वर्तमान मूल्य का दोगुना लिया जाएगा। दुर्लभ पुस्तक खो देने की स्थिति में दुगने से भी अधिक गुणा दण्ड लेने के साथ-साथ पुस्तकालय की सदस्यता भी समाप्त की जा सकती है। निश्चित अवधि से अधिक समय तक पुस्तक रखने पर छात्रा को उचित दण्ड दिया जायेगा- एक रूपया प्रति दिन।
पुस्तक या पत्रिका को नष्ट करना अत्यन्त निन्दनीय कार्य है, जिसके लिए दोषी छात्रा को आर्थिक दण्ड दिया जा सकता है तथा अपराध की गुरूता के अनुसार उसकी पुस्तकालय सदस्यता भी समाप्त की जा सकती है। पुस्तकालय की समस्त सुविधाओं का पूर्ण लाभ उठाने के लिये छात्राओं को पुस्तकालय नियमों का समुचित अध्ययन कर उसका पालन करना चाहिये। पुस्तकालय में फोटोस्टेट की सुविधा भी उपलब्ध है।

8. छात्रावास


विद्यालय परिसर के अत्यन्त सुरक्षित वातावरण में 250 छात्राओं के निवास हेतु छात्रावास उपलब्ध है। सभी कमरे पंखों व आवश्यक फर्नीचर से सुसज्जित हैं। चैबीस घण्टे ठण्डे व गर्म पानी मौसमानुसार तथा जैनरेटर की भी सुविधा उपलब्ध है। रंगीन टेलीविजन, विभिन्न प्रकार की पत्र-पत्रिकाएं, टेलीफोन व खेलों की सुविधा युक्त छात्रावास छात्राओं को समुचित वातावरण प्रदान करता है।
छात्रावास में प्रवेश की इच्छुक छात्रा को अपने स्वाभाविक अभिभावक के साथ आना अनिवार्य है। छात्रावास में प्रवेश के लिए अलग से फार्म भरना होगा जो पहले वार्डन के द्वारा प्रमाणित किया जाएगा, तत्पश्चात प्राचार्या की अनुमति लेनी होगी। छात्रावास विवरणिका एवं प्रवेश आवेदन पत्र पृथक से उपलब्ध है।
छात्रावास के कार्य की देख-रेख एक छात्रावास समिति द्वारा की जाती है जिसमें वार्डन, प्राध्यापिकाएं तथा छात्रावास की छात्राएं होती हैं। छात्रावास में रहने वाली छात्रा के आचरण के लिए उसके अभिभावक उत्तरदायी होंगे। किसी भी छात्रा को आभूषण पहनने या रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्रावास के नियमों का पालन न करने या किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार करनें पर छात्रा को छात्रावास से निकाला जा सकता है।

9. साइकिल-स्टैण्ड:


प्रतिदिन आने वाली छात्राओं की सुविधा हेतु परिसर में समुचित साइकिल स्टैण्ड की व्यवस्था है। इसमें अन्य दो पहिया वाहन भी खडे़ किये जा सकते हैं। छात्राओं को साइकिल या दो पहिया वाहन, साइकिल स्टैण्ड पर ताला लगाकर ही रखना चाहिए। यदि किसी कारणवश साइकिल, स्कूटर, मोपेड साइकिल-स्टैण्ड से अन्यत्र पाई जाती हैं तो उस छात्रा को दण्डित किया जायेगा। साइकिल खो जाने पर महाविद्यालय उत्तरदायी नहीं होगा। अतः छात्राएं साइकिल स्टैण्ड के अन्दर सुरक्षित रूप से साइकिल रखें। प्रवेश के साथ ही साइकिल का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। शुल्क रु0 100/- साइकिल तथा रु0 200/- स्कूटर व मोपेड रखने के लिए (पूर्ण सत्र हेतु)